बिहार पुलिस में ऑनलाइन RTI कैसे फाइल करें – Part 1
बिहार पुलिस में ऑनलाइन RTI किन मामलों में फाइल की जा सकती है
बिहार पुलिस से RTI उन्हीं मामलों में फाइल की जा सकती है जहाँ सरकारी रिकॉर्ड, फाइल, प्रक्रिया या कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मौजूद हो। RTI का उद्देश्य शिकायत करना नहीं, बल्कि रिकॉर्ड आधारित सूचना निकालना है।
आप बिहार पुलिस में ऑनलाइन RTI इन मामलों में फाइल कर सकते हैं:
- FIR दर्ज होने की स्थिति, तारीख, और FIR नंबर
- FIR पर अब तक की गई कार्रवाई / जांच की प्रगति
- IO (Investigating Officer) का नाम और पद
- चार्जशीट दाखिल हुई या नहीं, उसकी तारीख
- केस डायरी से जुड़ी रिकॉर्डेड एंट्री की स्थिति
- गिरफ्तारी की स्थिति, तारीख और संबंधित धाराएं
- CCTV फुटेज उपलब्ध है या नहीं (रिकॉर्ड के अनुसार)
- पुलिस वेरिफिकेशन, चरित्र प्रमाण पत्र की स्थिति
⚠️ ध्यान रखें
- “क्यों नहीं किया”, “कब करेंगे” जैसे सवाल RTI में नहीं पूछे जाते
- केवल वही जानकारी माँगें जो पहले से रिकॉर्ड में मौजूद हो
बिहार पुलिस के लिए ऑनलाइन RTI कहाँ और कैसे फाइल करें (Step-by-Step)
बिहार पुलिस के लिए RTI केंद्र सरकार के RTI पोर्टल से ऑनलाइन फाइल की जाती है, क्योंकि बिहार पुलिस राज्य सरकार के अंतर्गत आती है।
Step-by-Step प्रक्रिया:
Step 1:
RTI Online पोर्टल खोलें
👉 https://rtionline.gov.in
Step 2:
“Submit Request” पर क्लिक करें और निर्देश पढ़कर “I Agree” चुनें
Step 3:
Public Authority में चुनें:
👉 Home Department, Government of Bihar
(अधिकतर मामलों में यही सही authority होती है)
Step 4:
अपनी RTI application साफ, point-wise और factual लिखें
- एक RTI में 3–5 सवाल पर्याप्त रहते हैं
- तारीख, FIR नंबर, थाना नाम जरूर लिखें
Step 5:
₹10 की RTI fee ऑनलाइन भुगतान करें
- Debit Card / Net Banking / UPI से
Step 6:
Submission के बाद RTI Registration Number सुरक्षित रखें
- इसी नंबर से status ट्रैक होगा
RTI लिखते समय ये गलतियाँ न करें
- शिकायत या आरोप वाली भाषा न लिखें
- RTI को लंबा न बनाएं
- एक ही सवाल बार-बार न दोहराएं
- अनुमान या opinion आधारित सवाल न पूछें
- बिहार पुलिस में ऑनलाइन RTI कैसे फाइल करें – Part 2
- बिहार पुलिस RTI के लिए सही विभाग / PIO कैसे चुनें
- बिहार पुलिस से RTI का सही जवाब तभी मिलता है जब सही Public Authority और सही PIO चुना जाए। गलत विभाग चुनने पर RTI ट्रांसफर होती रहती है या अधूरा जवाब मिलता है।
- सही विभाग कैसे तय करें
- RTI हमेशा उस विभाग को भेजें जहाँ रिकॉर्ड उपलब्ध हो, न कि जहाँ शिकायत सुनी जाती है।
- आम तौर पर बिहार पुलिस मामलों में ये विभाग सही रहते हैं:
- Home Department, Government of Bihar
- → FIR, जांच, पुलिस कार्रवाई से जुड़े अधिकतर मामलों के लिए
- District Police / Superintendent of Police (SP Office)
- → जिला स्तर की FIR, IO, केस प्रगति
- Police Headquarters, Bihar
- → नीति, SOP, भर्ती, ट्रांसफर, नियम से जुड़े सवाल
- 👉 यदि मामला किसी विशेष थाने से जुड़ा है, तो RTI में थाना नाम और जिला स्पष्ट लिखें ताकि सही PIO तक पहुँचे।
- PIO चुनते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- “Concerned PIO” लिखना पर्याप्त होता है
- विभाग का नाम सही होना सबसे ज़रूरी है
- एक RTI में अलग-अलग जिलों के सवाल न मिलाएँ
- ⚠️ गलत PIO चुनने पर:
- RTI ट्रांसफर में 5–10 दिन बर्बाद होते हैं
- जवाब देर से मिलता है या अधूरा आता है
- बिहार पुलिस RTI में जवाब कितने दिनों में मिलता है
- RTI Act के अनुसार बिहार पुलिस को 30 दिनों के अंदर जवाब देना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
- समय-सीमा (Legal Time Limit)
- RTI दाखिल होने की तारीख से → 30 दिन
- यदि RTI किसी अन्य विभाग को ट्रांसफर हुई → 5 दिन अतिरिक्त
- जीवन और स्वतंत्रता से जुड़ा मामला → 48 घंटे
- व्यवहारिक रूप से क्या होता है
- अक्सर बिहार पुलिस RTI में:
- 20–25 दिन में जवाब मिल जाता है
- कुछ मामलों में पूरा 30 दिन लिया जाता है
- गलत विभाग चुना हो तो देरी होती है
- जवाब कैसा हो सकता है
- ✔️ पूरा और स्पष्ट (Best Case)
- ⚠️ आंशिक / गोल-मोल
- ❌ “सूचना उपलब्ध नहीं है”
- ❌ कोई जवाब नहीं
- 👉 अगर 30 दिन पूरे हो जाएँ और कोई जवाब न आए, तो यह सीधे First Appeal का वैध आधार बन जाता है।
- 👉 Part 3 में हम कवर करेंगे:
- बिहार पुलिस RTI का जवाब न मिले, अधूरा हो या गलत हो तो क्या करें
- बिहार पुलिस के खिलाफ First Appeal ऑनलाइन कैसे दायर करें
- बिहार पुलिस में ऑनलाइन RTI कैसे फाइल करें – Part 3
- बिहार पुलिस RTI का जवाब न मिले, अधूरा हो या गलत हो तो क्या करें
- अगर बिहार पुलिस से RTI का जवाब 30 दिनों में नहीं आता, या जवाब अधूरा, भ्रामक या रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। RTI Act में इसके लिए साफ समाधान दिया गया है।
- ऐसे मामलों में क्या स्थिति मानी जाती है
- No Reply (30 दिन पूरे) → Deemed Refusal
- Incomplete Information → RTI का उल्लंघन
- Misleading / Irrelevant Reply → गलत सूचना
- “सूचना उपलब्ध नहीं” बिना रिकॉर्ड चेक किए → अपूर्ण उत्तर
- तुरंत क्या करें (Practical Steps)
- RTI का Acknowledgement Number सुरक्षित रखें
- जवाब की तारीख और कंटेंट नोट करें
- यह देखें कि कौन-सा सवाल अनुत्तरित है
- जवाब में दिए गए Section का मिलान RTI Act से करें
- 👉 इन स्थितियों में First Appeal फाइल करना आपका कानूनी अधिकार है।
- बिहार पुलिस के खिलाफ First Appeal ऑनलाइन कैसे दायर करें
- First Appeal तब फाइल की जाती है जब PIO की तरफ से RTI Act का पालन नहीं हुआ हो।
- First Appeal कब फाइल करें
- RTI के 30 दिन पूरे होने के बाद
- अधूरा या गलत जवाब मिलने पर
- सवालों को नजरअंदाज किया गया हो
- Step-by-Step First Appeal प्रक्रिया
- Step 1:
- RTI Online Portal खोलें
- 👉 https://rtionline.gov.in
- Step 2:
- “Submit First Appeal” पर क्लिक करें
- Step 3:
- अपना RTI Registration Number दर्ज करें
- Step 4:
- Appeal Grounds साफ और factual लिखें:
- किस तारीख को RTI फाइल की
- कौन-सा जवाब नहीं मिला / गलत मिला
- RTI Act की किस धारा का उल्लंघन हुआ
- Step 5:
- Appeal Submit करें (कोई फीस नहीं)
- Step 6:
- Appeal Number सुरक्षित रखें और status ट्रैक करें
- First Appeal में क्या न लिखें
- आरोप या भावनात्मक भाषा
- लंबी कहानी
- नए सवाल
- सबसे ज़रूरी बात (User Assurance)
- अगर RTI सही तरीके से ड्राफ्ट हो और Appeal मजबूत हो, तो
- बिहार पुलिस को रिकॉर्ड के आधार पर जवाब देना ही पड़ता है।
- RTI में गलती न हो — प्रोफेशनल सपोर्ट क्यों ज़रूरी है
- अधिकांश RTI रिजेक्ट या कमजोर इसलिए होती हैं क्योंकि:
- सवाल सही सेक्शन में नहीं लिखे जाते
- गलत विभाग / PIO चुना जाता है
- Appeal में कानूनी भाषा नहीं होती
- ऐसे मामलों में RTIwala यूज़र को end-to-end support देता है —
- drafting से लेकर follow-up और appeal तक।
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