विषय-सूची
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 क्या है?
- RTI के तहत कितनी पुरानी जानकारी मांगी जा सकती है?
- Online RTI आवेदन कैसे करें?
- RTIwala के लाभ
- RTI के अंतर्गत समय सीमा
- RTI आवेदन करते समय सावधानियाँ
- सामान्य प्रश्न (FAQs)
- निष्कर्ष
1. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 क्या है?
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 भारत का वह कानून है जिसने आम नागरिक और सरकार के बीच की दूरी को सबसे ज़्यादा कम किया है। इस अधिनियम के लागू होने से पहले, सरकारी फाइलों, रिकॉर्ड्स और निर्णयों तक पहुँचना लगभग असंभव था। आम आदमी को यह तक नहीं बताया जाता था कि किसी योजना में उसका नाम क्यों काट दिया गया, फाइल क्यों रुकी हुई है, या कोई निर्णय किस आधार पर लिया गया।
RTI Act, 2005 ने इस स्थिति को बदला। इस कानून ने हर भारतीय नागरिक को यह कानूनी अधिकार दिया कि वह किसी भी सरकारी विभाग, सार्वजनिक प्राधिकरण या सरकारी संस्था से जानकारी मांग सकता है — और वह विभाग उस जानकारी को देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।
यह अधिनियम केवल “जानकारी मांगने” का कानून नहीं है, बल्कि यह जवाबदेही (Accountability) तय करने का कानून है। जब कोई नागरिक RTI दाखिल करता है, तो वह सिर्फ सवाल नहीं पूछता — वह सरकार से जवाब मांगता है।
RTI Act, 2005 का असली उद्देश्य क्या है?
RTI कानून का उद्देश्य बहुत साफ और सीधा है:
सरकार जो भी काम कर रही है, वह जनता के पैसे से कर रही है —
और जनता को यह जानने का अधिकार है कि:
- कोई निर्णय क्यों लिया गया
- कोई काम कब तक पूरा होना था
- फाइल कहाँ और क्यों अटकी हुई है
- पैसा किस मद में खर्च हुआ
- किसी लाभ से किसी व्यक्ति को क्यों वंचित किया गया
इसलिए RTI Act को पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही (Accountability) का सबसे मज़बूत औज़ार माना जाता है।
“सूचना” का मतलब RTI में क्या होता है?
बहुत लोग यह मानते हैं कि RTI में केवल नई जानकारी ही मांगी जा सकती है।
जबकि कानून में “सूचना” की परिभाषा बहुत व्यापक है।
RTI Act की धारा 2(f) के अनुसार, सूचना में शामिल है:
- दस्तावेज़ (Documents)
- फाइलें और नोटशीट
- आदेश, सर्कुलर, नोटिफिकेशन
- रिपोर्ट, जांच रिपोर्ट
- ई-मेल, रिकॉर्ड्स, रजिस्टर
- डिजिटल या भौतिक (Physical / Digital) रिकॉर्ड
यानी, अगर कोई रिकॉर्ड सरकार के पास मौजूद है, तो वह सूचना RTI के दायरे में आती है — चाहे वह कल की हो या कई दशक पुरानी।
यहीं से “पुरानी जानकारी” वाला सवाल जन्म लेता है, जिस पर आगे हम विस्तार से आएंगे।
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कितनी वर्ष पुरानी जानकारी मांगी जा सकती है?
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (Right to Information Act, 2005) नागरिकों को यह अधिकार देता है कि वे किसी भी सरकारी विभाग, संस्था या सार्वजनिक प्राधिकरण से जानकारी मांग सकें — चाहे वह सूचना कितनी भी वर्ष पुरानी क्यों न हो।
कानून में सूचना की उम्र (Age of Information) को लेकर कोई सीमा तय नहीं की गई है।
अगर वह रिकॉर्ड आज भी विभाग के पास भौतिक (physical) या डिजिटल रूप में सुरक्षित है, तो वह सूचना आपको RTI के तहत दी जानी चाहिए।
यह नियम RTI Act की धारा 2(f) के अंतर्गत स्पष्ट किया गया है, जिसमें “सूचना” की परिभाषा दी गई है।
अगर आपको कई साल पुरानी सरकारी जानकारी चाहिए—जैसे भूमि रिकॉर्ड, सर्विस फाइल, भुगतान विवरण, जांच रिपोर्ट या कोई भी पुराना दस्तावेज़—तो RTIwala आपकी ओर से कानूनी रूप से मजबूत RTI फाइल कर सही विभाग से आधिकारिक जानकारी दिला सकता है। बस अपनी ज़रूरत हमें बताइए, बाकी पूरा प्रोसेस हमारी एक्सपर्ट टीम संभाल लेती है।
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आरटीआई में कितनी पुरानी जानकारी दी जा सकती है?
RTI में आप 5 साल नहीं, बल्कि 50 या 100 साल पुरानी जानकारी भी मांग सकते हैं — बस शर्त यह है कि वह रिकॉर्ड अभी भी सरकारी फाइलों या अभिलेखागार (Archives) में मौजूद हो।
उदाहरण के लिए, अगर आप अपने पूर्वजों की जमीन या कृषि भूमि का खसरा रिकॉर्ड (Land Record) देखना चाहते हैं जो 1950 या 1960 के दशक का है, तो आप राजस्व विभाग या तहसील से RTI आवेदन के ज़रिए यह जानकारी मांग सकते हैं।
अगर रिकॉर्ड डिजिटाइज्ड नहीं है, तो विभाग यह बताएगा कि वह फाइल किस Record Room या District Archive में रखी गई है।
यह पारदर्शिता का मूल उद्देश्य सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का ही हिस्सा है।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुसार लागू नियम (RTI Rules in Hindi)
RTI Rules, 2012 (जो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का हिस्सा हैं) में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण के पास यदि सूचना उपलब्ध है, तो नागरिक को उसे पाने का अधिकार है।
हालांकि, पुराने दस्तावेज़ों या रिकॉर्ड को ढूंढने में समय और संसाधन लग सकते हैं, इसलिए कई विभाग search या inspection fee मांग सकते हैं।
आम तौर पर आवेदन शुल्क होता है, परंतु अतिरिक्त खोज या प्रतिलिपि शुल्क (₹2 प्रति पृष्ठ) पुराने रिकॉर्ड के लिए लिया जा सकता है।
यदि कोई सूचना “record not traceable” बताई जाती है, तो आप First Appeal दाखिल कर सकते हैं ताकि विभाग जवाबदेही से बच न सके।
गोपनीय सूचनाओं और अपवादों के नियम (RTI Act 2005 in Hindi PDF के अनुसार)
ध्यान रखें, RTI Act 2005 की धारा 8(1) के अनुसार कुछ सूचनाएं अपवाद (exempted) होती हैं — जैसे कि राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया एजेंसियों, निजी जीवन से जुड़ी या गोपनीय व्यावसायिक सूचनाएं।
ऐसी जानकारी पुरानी हो या नई, किसी भी स्थिति में सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
लेकिन यदि वह सूचना सार्वजनिक हित (larger public interest) से जुड़ी है, तो अधिकारी उसे प्रदान करने पर विचार कर सकते हैं।
इन सभी धाराओं और नियमों को आप “RTI Rules in Hindi” या “RTI Act, 2005 in Hindi PDF” के माध्यम से विस्तार से पढ़ सकते हैं।
अतिरिक्त जानकारी — RTI के तहत कौन-सी सूचना नहीं दी जाती?
- व्यक्तिगत या निजी जानकारी, जिससे किसी तीसरे व्यक्ति की निजता भंग हो सकती है।
2. कोर्ट में चल रहे मामलों से संबंधित दस्तावेज़।
3. राष्ट्रीय सुरक्षा या खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट।
4. किसी विभाग के गोपनीय वाणिज्यिक दस्तावेज़।
हालांकि, यदि इन सूचनाओं से भ्रष्टाचार का खुलासा या जनहित जुड़ा है, तो PIO इन्हें साझा कर सकता है।
RTIwala आपकी मदद कैसे करता है?
पुराने रिकॉर्ड, जमीन दस्तावेज़, पेंशन फाइल, सरकारी जांच रिपोर्ट, या किसी भी सार्वजनिक विभाग से जुड़ी सूचना — सब कुछ RTIwala के माध्यम से आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
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- या First Appeal / Follow-up Add-ons से विभाग को जवाब देने के लिए बाध्य करें।
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Online RTI आवेदन कैसे करें?
RTI आवेदन करना अब बहुत ही सरल हो गया है। आप RTIwala की सहायता से ऑनलाइन RTI फाइल कर सकते हैं। RTIwala आपके आवेदन को सही तरीके से जमा करने और समय पर उत्तर प्राप्त करने में सहायता करता है।
ऑनलाइन RTI फाइल करने की प्रक्रिया:
- वेबसाइट पर जाएं: RTIwala की वेबसाइट पर जाएं।
- फॉर्म भरें: आवश्यक विवरण भरें।
- फीस जमा करें: ऑनलाइन भुगतान करें।
- आवेदन जमा करें: आवेदन जमा करें और आपके द्वारा मांगी गई जानकारी को ट्रैक करें।
RTIwala के लाभ
RTIwala का उपयोग करने के कई लाभ हैं:
- सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया: RTI आवेदन की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाना।
- समय की बचत: समय पर उत्तर प्राप्त करने में मदद।
- विशेषज्ञता: RTIwala के विशेषज्ञ आपके आवेदन को प्रभावी ढंग से जमा करने में सहायता करते हैं।
RTI के अंतर्गत समय सीमा
RTI के तहत उत्तर प्राप्त करने की समय सीमा 30 दिन होती है। यदि आपको संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो आप अपील भी कर सकते हैं। RTIwala इस प्रक्रिया में आपकी पूरी सहायता करता है।
RTI आवेदन करते समय सावधानियाँ
RTI आवेदन करते समय कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए:
- सटीक जानकारी देना: अपने आवेदन में सही और सटीक जानकारी दें।
- स्पष्ट प्रश्न: स्पष्ट और संक्षिप्त प्रश्न पूछें।
- गोपनीयता: गोपनीय सूचनाओं की मांग न करें।
सामान्य प्रश्न (FAQs)
- क्या मैं किसी भी सरकारी विभाग से जानकारी मांग सकता हूँ? हाँ, आप किसी भी सरकारी विभाग से जानकारी मांग सकते हैं।
- RTI आवेदन की फीस कितनी होती है? RTI आवेदन की फीस राज्य और केंद्र सरकारों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट देखें।
- RTI का उत्तर प्राप्त करने में कितना समय लगता है? RTI का उत्तर प्राप्त करने में 30 दिन का समय लगता है।
- क्या मैं ऑनलाइन RTI फाइल कर सकता हूँ? हाँ, आप RTIwala की सहायता से ऑनलाइन RTI फाइल कर सकते हैं।
- RTI का उपयोग करने के क्या लाभ हैं? RTI का उपयोग करने से सरकारी पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है।
निष्कर्ष
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत किसी भी प्रकार की पुरानी जानकारी मांगी जा सकती है। RTIwala इस प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए उपलब्ध है। यदि आप सरकारी सूचनाओं की मांग कर रहे हैं, तो RTIwala की सहायता लें और समय पर सही जानकारी प्राप्त करें।













































