विषय सूची
- परिचय: बिजली विभाग में RTI क्यों ज़रूरी है
- RTI से बिजली विभाग में कौन-कौन सी जानकारी मिल सकती है?
- बिजली विभाग में RTI कैसे लगाएं?
- डर का पहलू: अगर जानकारी न ली जाए तो क्या होगा
- RTI से बिजली विभाग में पारदर्शिता कैसे आती है?
- ऑनलाइन RTI फाइल करने की प्रक्रिया
- क्यों चुनें RTIwala?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- निष्कर्ष: जानकारी आपका अधिकार है
बिजली विभाग में RTI कैसे लगाएं
RTI लगाने के 3 तरीके (Offline, Online, RTIwala) — Step-by-Step + Pros & Cons
बिजली विभाग में RTI लगाने के 3 तरीके (पूरा Comparison)
बिजली विभाग में RTI लगाने के लिए उपभोक्ता के पास तीन वैध और कानूनी विकल्प होते हैं।
हर तरीका अलग परिस्थिति और user profile के लिए उपयोगी होता है।
गलत तरीका चुनने पर RTI delay, rejection या ineffective हो सकती है।
इसलिए सही method चुनना सबसे ज़रूरी कदम है।
ऑफलाइन RTI कैसे लगाएं (डाक द्वारा)
ऑफलाइन RTI आज भी सबसे ज़्यादा accepted और reliable तरीका माना जाता है।
यह तरीका खासकर State Electricity Boards / DISCOMs के लिए उपयोगी है।
जहाँ ऑनलाइन पोर्टल सही से काम नहीं करता, वहाँ यही तरीका प्रभावी रहता है।
Step-by-Step प्रक्रिया
- सादा A4 शीट पर RTI आवेदन टाइप करें
- ऊपर लिखें: “To, The Public Information Officer (PIO)”
- संबंधित बिजली विभाग / DISCOM का पूरा पता लिखें
- 3–5 स्पष्ट, रिकॉर्ड-आधारित सवाल लिखें
- ₹10 का Postal Order या Court Fee Stamp लगाएँ
- Speed Post या Registered Post से भेजें
डाक की रसीद सुरक्षित रखना बहुत ज़रूरी होता है।
ऑफलाइन RTI कब ज़्यादा काम करती है
- जब विभाग पूरी तरह state-level हो
- जब RTI sensitive या record-heavy हो
- जब भविष्य में appeal या legal use की संभावना हो
ऑफलाइन RTI का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत माना जाता है।
Pros (फायदे)
- लगभग सभी बिजली विभाग स्वीकार करते हैं
- Rejection की संभावना कम होती है
- First Appeal में strong evidence बनता है
Cons (सीमाएँ)
- Drafting की जिम्मेदारी पूरी तरह user पर होती है
- गलत विभाग या PIO होने पर RTI भटक सकती है
- Tracking manual करनी पड़ती है
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📞 Call: +91-7999-50-6996
💬 WhatsApp: https://cc.rti.link/wadp
Website : www.rtiwala.com
ऑनलाइन RTI कैसे लगाएं (सरकारी पोर्टल से)
ऑनलाइन RTI सुविधा हर राज्य में समान रूप से उपलब्ध नहीं है।
कुछ राज्य अपने पोर्टल देते हैं, कुछ केंद्र के RTI Online Portal से जुड़े होते हैं।
बिजली विभाग का online coverage राज्य पर निर्भर करता है।
Online RTI लगाने की प्रक्रिया
- संबंधित RTI Online Portal पर जाएँ
- Department List में बिजली विभाग खोजें
- RTI Application Form भरें
- सवाल character limit के अंदर लिखें
- ₹10 fee online pay करें
- Submission के बाद Reference Number सुरक्षित रखें
यह तरीका fast दिखता है, लेकिन हमेशा reliable नहीं होता।
ऑनलाइन RTI कब सही रहती है
- जब विभाग portal पर clearly listed हो
- जब issue simple और document-light हो
- जब user digital process में comfortable हो
Pros (फायदे)
- घर बैठे RTI फाइल हो जाती है
- Postal delay नहीं होता
- Immediate acknowledgement मिलता है
Cons (सीमाएँ)
- कई बिजली विभाग portal पर properly mapped नहीं होते
- Character limit के कारण सवाल कमजोर हो जाते हैं
- गलत selection पर RTI silently reject हो सकती है
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RTIwala के ज़रिए RTI कैसे फाइल करें
RTIwala के माध्यम से RTI फाइल करना assisted filing का तरीका है।
यह उन users के लिए है जो drafting, department mapping या follow-up में उलझना नहीं चाहते।
यह तरीका खासतौर पर complex या delay-based मामलों में उपयोगी होता है।
RTIwala के ज़रिए RTI फाइल करने की प्रक्रिया
- User अपनी समस्या short form में submit करता है
- Issue के अनुसार सही बिजली विभाग पहचाना जाता है
- Professional तरीके से RTI draft की जाती है
- सही PIO के नाम RTI फाइल होती है
- Timeline और next steps की guidance दी जाती है
User को drafting या legal format की चिंता नहीं रहती।
यह तरीका किन users के लिए सही है
- जिनका मामला पहले से delay में है
- जिन्हें पहले RTI reject हो चुकी है
- जिन्हें future में appeal करनी पड़ सकती है
- जो legally strong reply चाहते हैं
यह तरीका convenience और accuracy पर focus करता है।
Pros (फायदे)
- Correct department + correct PIO selection
- Professionally drafted RTI (record-focused)
- Error और rejection का risk कम
- Time और effort की बचत
Cons (सीमाएँ)
- Self-filing की तुलना में paid service
- Instant filing की बजाय process-based approach
तीनों तरीकों का Practical Comparison
| Criteria | Offline RTI | Online RTI | RTIwala |
|---|---|---|---|
| Drafting Control | User | User | Expert |
| Department Accuracy | Medium | Low–Medium | High |
| Rejection Risk | Low | Medium–High | Low |
| Time Investment | High | Medium | Low |
| Complex Cases | Suitable | Weak | Strong |
क्यों चुनें RTIwala?
- Custom Drafting: हर आवेदन को प्रोफेशनल तरीके से तैयार किया जाता है।
- Anonymous RTI Filing: आपकी पहचान गुप्त रखी जा सकती है।
- Follow-up Support: समय पर जवाब न आने पर अपील में मदद।
- Nationwide Access: कहीं से भी file RTI online की सुविधा।
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बिजली विभाग में RTI लगाने की ज़रूरत क्यों पड़ती है
बिजली विभाग से जुड़ी समस्याएँ लगभग हर उपभोक्ता को कभी-न-कभी झेलनी पड़ती हैं।
बिल गलत आना, कनेक्शन में देरी, मीटर से जुड़ा विवाद या शिकायत का जवाब न मिलना — ये सब आम समस्याएँ हैं।
अधिकतर मामलों में मौखिक शिकायत या ऑनलाइन grievance से कोई ठोस लिखित जवाब नहीं मिलता।
यहीं पर RTI (Right to Information) एक मजबूत कानूनी विकल्प बनता है।
RTI के ज़रिए उपभोक्ता विभाग से लिखित, रिकॉर्ड-आधारित और जवाबदेह जानकारी मांग सकता है।
यह सिर्फ शिकायत नहीं, बल्कि विभागीय रिकॉर्ड तक पहुँच का अधिकार है।
RTI कब शिकायत से ज़्यादा असरदार होता है
जब बिजली विभाग केवल आश्वासन दे रहा हो लेकिन कोई कार्रवाई न हो रही हो, तब RTI ज़्यादा प्रभावी साबित होती है।
RTI में पूछे गए सवालों का जवाब देना विभाग की कानूनी बाध्यता होती है।
इसका जवाब 30 दिनों के भीतर देना अनिवार्य है।
RTI खासतौर पर तब उपयोगी होती है जब:
- शिकायत दर्ज होने के बाद भी कोई लिखित उत्तर न मिले
- फाइल या आवेदन की स्थिति स्पष्ट न की जा रही हो
- निर्णय के पीछे का कारण जानना ज़रूरी हो
RTI विभाग को जवाबदेह बनाती है और अक्सर मामला अपने-आप आगे बढ़ जाता है।
बिजली विभाग से जुड़े Top Issues
नीचे दिए गए मुद्दे वे हैं जिन पर सबसे ज़्यादा लोग बिजली विभाग में RTI लगाते हैं।
ये सभी high-search, evergreen और practical issues हैं।
Issue 1: गलत या ज़्यादा बिजली बिल (Overbilling)
अचानक बहुत ज़्यादा बिल आ जाना एक आम समस्या है।
कई बार मीटर रीडिंग गलत दर्ज हो जाती है या अनुमानित बिल बना दिया जाता है।
ग्राहक शिकायत करता है लेकिन सही गणना या रिकॉर्ड नहीं दिया जाता।
RTI के ज़रिए मांगी जा सकने वाली जानकारी:
- पिछले 6–12 महीनों की मीटर रीडिंग का रिकॉर्ड
- किस आधार पर बिल कैलकुलेट किया गया
- मीटर रीडिंग लेने वाले कर्मचारी का विवरण
यह जानकारी बिल सुधार या विवाद के लिए आधार बनती है।
Issue 2: नया बिजली कनेक्शन मिलने में देरी
नया कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करने के बाद फाइल महीनों तक अटकी रहती है।
ऑफिस के चक्कर लगते रहते हैं लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता।
अक्सर यह नहीं बताया जाता कि देरी किस स्तर पर है।
RTI से आप पूछ सकते हैं:
- आवेदन की वर्तमान स्थिति
- फाइल किस अधिकारी के पास लंबित है
- तय समय सीमा के बावजूद देरी का कारण
RTI के बाद अक्सर फाइल तेजी से आगे बढ़ती है।
Issue 3: मीटर बदलने या खराब मीटर की अनदेखी
खराब मीटर की शिकायत करने के बाद भी महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं होती।
मीटर बदलने का अनुरोध सिर्फ मौखिक स्तर पर अटका रहता है।
ग्राहक को यह नहीं बताया जाता कि नियम क्या कहते हैं।
RTI के माध्यम से जानकारी ली जा सकती है:
- मीटर बदलने से जुड़े विभागीय नियम
- आपकी शिकायत पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड
- मीटर टेस्ट रिपोर्ट (यदि की गई हो)
यह जानकारी उपभोक्ता के पक्ष को मजबूत करती है।
Issue 4: बिजली कटौती (Load Shedding) का रिकॉर्ड
कई क्षेत्रों में बिना सूचना के बार-बार बिजली काटी जाती है।
जब शिकायत की जाती है, तो कोई लिखित आदेश या कारण नहीं दिया जाता।
ग्राहक यह जानना चाहता है कि कटौती वैध है या नहीं।
RTI से पूछी जा सकने वाली जानकारी:
- कटौती का आधिकारिक आदेश या शेड्यूल
- किस नियम के तहत बिजली काटी गई
- जिम्मेदार अधिकारी का विवरण
यह जानकारी सामूहिक शिकायत या कानूनी कदम के लिए उपयोगी होती है।
Issue 5: शिकायत करने के बाद भी कोई जवाब न मिलना
ऑनलाइन या ऑफलाइन शिकायत दर्ज करने के बाद भी जवाब नहीं आता।
कई बार शिकायत बंद दिखा दी जाती है, लेकिन समस्या जस की तस रहती है।
ग्राहक के पास कोई लिखित प्रमाण नहीं होता।
RTI में पूछा जा सकता है:
- शिकायत संख्या पर की गई कार्रवाई
- कार्रवाई रिपोर्ट की कॉपी
- शिकायत बंद करने का आधार
यह विभाग को जवाबदेह बनाने का सबसे सीधा तरीका है।
बिजली विभाग में RTI से कौन-सी जानकारी मिल सकती है
RTI के तहत वही जानकारी मिलती है जो विभाग के रिकॉर्ड में मौजूद हो।
यह राय या अनुमान नहीं, बल्कि दस्तावेज़ और फाइल आधारित सूचना होती है।
RTI से मिलने वाली सामान्य जानकारियाँ:
- मीटर, बिल और रीडिंग से जुड़े रिकॉर्ड
- कनेक्शन, नाम परिवर्तन या लोड बढ़ाने की फाइल स्थिति
- शिकायत रजिस्टर और कार्रवाई रिपोर्ट
- विभागीय नियम, आदेश और सर्कुलर
इस जानकारी का उपयोग सुधार, अपील या आगे की कार्रवाई में किया जा सकता है।
RTI लगाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें
RTI तभी असरदार होती है जब सही तरीके से लगाई जाए।
गलत विभाग या गलत सवाल RTI को कमजोर बना देता है।
ध्यान रखने योग्य बातें:
- सही बिजली वितरण कंपनी / विभाग चुनें
- सवाल तथ्यात्मक और रिकॉर्ड आधारित हों
- एक RTI में सीमित और स्पष्ट प्रश्न पूछें
अच्छी तरह तैयार RTI से जवाब मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
RTI का जवाब न मिले तो क्या करें, First Appeal, FAQs और सही तरीका कैसे चुनें
RTI का जवाब न मिले तो आगे क्या करें
बिजली विभाग में RTI लगाने के बाद अगर 30 दिनों के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता, तो इसे “deemed refusal” माना जाता है।
इसका मतलब है कि विभाग ने जानबूझकर या लापरवाही से सूचना नहीं दी।
ऐसी स्थिति में user को इंतज़ार नहीं करना चाहिए।
RTI Act में इसका स्पष्ट समाधान दिया गया है।
RTI का जवाब न मिलना अपने-आप में First Appeal का वैध आधार होता है।
यहाँ से मामला शिकायत से निकलकर कानूनी प्रक्रिया में आ जाता है।
RTI का 30 दिन का नियम (Electricity Department)
RTI Act के अनुसार:
- आवेदन प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन में जवाब अनिवार्य है
- अगर सूचना जीवन/स्वतंत्रता से जुड़ी हो, तो 48 घंटे
- शुल्क या गलत विभाग का बहाना valid excuse नहीं माना जाता
बिजली विभाग भी इस नियम से बाहर नहीं है।
देरी होने पर अधिकारी जिम्मेदार माना जाता है।
First Appeal कब और क्यों ज़रूरी है
जब RTI का जवाब न आए या अधूरा / गोलमोल जवाब मिले, तब First Appeal दायर की जाती है।
यह appeal उसी विभाग के First Appellate Authority (FAA) के पास जाती है।
First Appeal करना user का अधिकार है, कोई वैकल्पिक कदम नहीं।
First Appeal इन स्थितियों में ज़रूरी होती है:
- 30 दिन पूरे हो चुके हों
- जानकारी आंशिक दी गई हो
- सवाल टाल दिए गए हों
- गलत कारण देकर RTI reject की गई हो
First Appeal कैसे दायर करें (Practical Process)
First Appeal भी सादा A4 शीट पर की जा सकती है।
इसमें legal भाषा की जरूरत नहीं होती, लेकिन clarity ज़रूरी होती है।
Appeal में शामिल करना चाहिए:
- RTI आवेदन की तारीख और reference
- जवाब न मिलने या अधूरे जवाब का उल्लेख
- FAA से स्पष्ट सूचना देने का अनुरोध
Appeal RTI की तारीख से 30–45 दिनों के भीतर दायर करना सुरक्षित माना जाता है।
बिजली विभाग में देरी के Common Reasons (Ground Reality)
कई user सोचते हैं कि देरी तकनीकी कारणों से होती है, लेकिन अक्सर कारण अलग होते हैं।
RTI अनुभव के आधार पर बिजली विभाग में ये common issues दिखते हैं:
- फाइल जानबूझकर लंबित रखना
- जिम्मेदारी एक अधिकारी से दूसरे पर डालना
- “Record available nahi hai” कहकर टालना
- Complaint और RTI को mix कर देना
RTI + First Appeal के बाद अक्सर यही फाइलें तेज़ी से चलने लगती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. बिजली विभाग से RTI द्वारा क्या जानकारी मिल सकती है?
बिलिंग, ट्रांसफॉर्मर, मीटर, मरम्मत खर्च, और ठेकेदार संबंधी जानकारी।
2. क्या ऑनलाइन RTI file कर सकते हैं?
हाँ, RTIwala के ज़रिए online RTI filing कर सकते हैं।
3. जवाब आने में कितना समय लगता है?
कानूनन 30 दिन के अंदर जवाब देना ज़रूरी है।
4. अगर जवाब अधूरा या गलत मिले तो क्या करें?
आप First Appeal कर सकते हैं। RTIwala इसमें मदद करता है।
5. क्या RTI डालना सुरक्षित है?
हाँ, Anonymous RTI Filing कर आप अपनी पहचान छुपा सकते हैं।
निष्कर्ष: जानकारी आपका अधिकार है
बिजली विभाग में गड़बड़ियाँ आम हैं – गलत बिलिंग, झूठे खर्चे और भ्रष्टाचार। अगर आप जानकारी नहीं मांगेंगे तो ये गड़बड़ियाँ बढ़ेंगी और आपको नुकसान होगा।
इसलिए अभी कदम उठाइए।
RTIwala के जरिए apply for RTI online कीजिए और 30 दिन में जवाब पाइए।
Call: +91-7999-50-6996
File Online RTI Today












































